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मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में कुकुरमुत्ता की तरह फर्जी चिकित्सकों के नाम पर , बिना मानक के चल रहे हैं अल्ट्रासाउंड और नर्सिंग होम

कितनी बार हुई छापेमारी लेकिन नहीं हो सकी अभी तक कोई कार्रवाई

Team IBN-मुजफ्फरपुर जिले के औराई प्रखंड में एक बार फिर से कुकुरमुत्ता की तरह नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड अवैध तरीके से चलाए जा रहे हैंl मरीजों के जान के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा हैl सरकार द्वारा नर्सिंग होम एवं निजी अस्पताल तथा अल्ट्रासाउंड को संचालन के लिए एक गाइडलाइन तथा मानक तय किया गया है पर यहां मानक के नियमों  की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है l एक पूर्व निजी अस्पताल संचालक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया की निजी अस्पताल  पर कार्रवाई के बदले  सिर्फ छापेमारी कर भया- दोहन कर अवैध वसूली कि जाती हैl आज तक एक भी निजी नर्सिंग होम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जब जब छापामारी होता है तो नजराना पहुंचने के बाद कोई कार्रवाई नहीं होती है जिससे सभी नर्सिंग होम संचालक बेखौफ होकर जनता की खून पसीने की कमाई लूटते हैं प्रत्येक महीने किसी न किसी निजी अस्पताल में अन ट्रेंड स्टाफ की लापरवाही के कारण मौत हो जाती है lऔराई के एक भी निजी अस्पताल और अल्ट्रासाउंड ऐसा नहीं है जो मानक पर चल रहा हैl

नर्सिंग होम और निजी अस्पतालों के संचालन के लिए विभिन्न सर्टिफिकेट की होती है जरूरत

अस्पताल और नर्सिंग होम संचालन के लिए सिविल सर्जन कार्यालय से लाइसेंस ,बायोमेडिकल वेस्ट का अनापत्ति प्रमाण पत्र, अग्निशमन सुरक्षा प्रमाणपत्र और प्रदूषण विभाग से सर्टिफिकेट लेना होता है। इसके साथ ही जब निजी अस्पताल का संचालन किया जाए तो पंजीकरण, उपलब्ध इलाज , फिस का डिस्प्ले अनिवार्य रूप से होना चाहिए। क्लीनिक में इलाज करने वाले चिकित्सक के नाम ,पंजीकरण संख्या, उपलब्ध इलाज तथा मरीजों से ली जाने वाली फीस आदि को बोर्ड पर डिस्प्ले करना अनिवार्य है। इसमें न्यूनतम मानकों के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर ,कर्मचारी ,दवाइयां, उपकरण तथा सहायक सेवाएं और रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य है। मापदंड के तहत क्लीनिक में मरीजों उनके स्वजन तथा स्टाफ आदि को संक्रमण से मुक्त रखने के लिए बायो मेडिकल वेस्ट का सही निष्पादन होना जरूरी है।

अवैध नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड के बारे में सीएचसी प्रभारी डॉ वरुण कुमार से पूछने पर उन्होंने बताया की पहले जो भी छापेमारी हुई है वह तो मुझे नहीं पता लेकिन वैध और अवैध संस्थानों की सूची देखकर अवैध संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी l मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ किसी को नहीं करने दिया जाएगा lमानक के अनुरूप ही कार्य करने होंगेl

विदित हो कि पूर्व में कई नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड को बंद करने के लिए पूर्व सीएचसी प्रभारियों द्वारा नोटिस जारी किया गया था लेकिन कार्रवाई नहीं हो पाई और मामला पुराना होने के बाद से ठंडे बस्ते में डाल दिया गया lकई अल्ट्रासाउंड और निजी अस्पताल ऐसे हैं जो लाइसेंस किसी और के नाम से, बोर्ड पर किसी और चिकित्सक का नाम जबकि नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड पर  बैठते हैं अनट्रेंड कर्मचारीl चिकित्सकों के अता पता नहीं रहने से दलालों द्वारा मरीजों को बहला-फुसलाकर अनट्रेंड स्टाफ से ही इलाज और अल्ट्रासाउंड करवा दिया जाता है जिससे समय से पहले पूर्ण जानकारी के अभाव के कारण मरीजों की मौत हो जाती हैl जल्द ही बिना लाइसेंस के निजी नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड में बैठने वाले चिकित्सक तथा गैर लाइसेंसी संस्थान की पूर्ण पड़ताल के साथ खबर आप लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा औराई के सभी संस्थान के नाम के साथl

 

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